कंगना रनौत की फिल्म ‘क्वीन’ शाम 7 बजे जारी की गई (फोटो सौजन्य: इंस्टाग्राम @ kanganaranaut / Twitter @ Kangana Ranaut)

कंगना रनौत ने सात साल तक फिल्म ‘क्वीन’ की रिलीज के मौके पर कुछ महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। कंगना का कहना है कि उन्होंने इस फिल्म को पैसे के लिए साइन किया है। वह ‘क्वीन’ की रिलीज़ से पहले अभिनय छोड़ने और निर्देशक बनने के बारे में सोच रही थीं।

नई दिल्ली जब फिल्म ‘क्वीन’ सात साल पहले रिलीज हुई थी, तो कंगना रनौत के अभिनय की काफी प्रशंसा हुई थी। कंगना ने फिल्म को अपने दम पर सुपरहिट बनाया। तब दर्शकों और समीक्षकों ने इसे समान रूप से सराहा। फिल्म कंगना के करियर के लिए गेम चेंजर साबित हुई। यह फिल्म साबित करती है कि अगर अभिनेत्री में अभिनय करने की क्षमता है, तो वह अकेले ही फिल्म को हिट बना सकती है। हाल ही में कंगना ने फिल्म को याद कर एक दिलचस्प खुलासा किया। उसने बताया कि वह ‘क्वीन’ को लेकर उत्साहित नहीं थी।

फिल्म ‘क्वीन’ के सात साल पूरे होने पर कंगना ने अब फिल्म को लेकर कई अहम खुलासे किए हैं। कंगना ने बताया कि उन्होंने इस फिल्म को पैसे के लिए साइन किया था। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि फिल्म सफल होगी। कंगना ने फिल्म के बारे में ट्वीट किया है। वह ट्वीट में लिखती हैं, ‘दस साल के संघर्ष के बाद, मुझे बताया गया कि मैं अच्छा अभिनय करती हूं। लेकिन मेरे घुंघराले बाल और आवाज मेरे पक्ष में काम नहीं करते हैं। मैंने फिल्म signed क्वीन ’को यह सोचकर साइन किया कि यह कभी रिलीज नहीं होगी। मैंने यह फिल्म पैसे के लिए की थी। उस पैसे से मैं न्यूयॉर्क में फिल्म स्कूल जाना चाहता था।

(फोटो साभार ट्विटर @ कंगना रनौत)

कंगना आगे कहती हैं, ‘मैंने न्यूयॉर्क में स्क्रीन लेखन का अध्ययन किया और 24 साल की उम्र में एक लघु फिल्म भी बनाई। उसकी वजह से मुझे हॉलीवुड में ब्रेक मिला। मेरा काम देखने के बाद, मुझे एक बड़ी कंपनी ने काम पर रखा था। मैंने अभिनय के अपने सारे सपने छोड़ दिए थे। भारत जाने की हिम्मत नहीं हुई।

(फोटो साभार ट्विटर @ कंगना रनौत)

यह कंगना के जीवन का वह समय था जब वह अभिनय में अपना करियर नहीं बनाना चाहती थीं। उनका मन अभिनय से विचलित था। वह तब निर्देशक बनना चाहती थीं। लेकिन फिल्म ‘क्वीन’ की रिलीज के बाद उनके लिए सब कुछ बदल गया।

फिल्म ‘क्वीन’ की सफलता से उनके लिए सब कुछ बदल गया था। वह एक ट्वीट में कहती हैं, ‘जब मैंने सबकुछ छोड़ दिया था, तब रानी को छोड़ दिया गया और मेरी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई। भारतीय सिनेमा भी बदल गया। इसके बाद, महिला केंद्रित फिल्मों का जन्म हुआ। वैसे, ‘वुमन सेंट्रिक फिल्म्स’ के बारे में कंगना की राय से बहुत से लोग सहमत नहीं हैं। इस पर लंबी बहस हो सकती है। यह सच है कि कंगना ने बहुत अच्छा काम किया है, लेकिन कई मौकों पर उनके अड़ियल रवैये के कारण लोगों ने उन्हें निशाना भी बनाया है।



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