मुंबई: दिलीप कुमार गांव के विचारहीन युवाओं की भूमिका से लेकर प्रेम-प्रेम और चरित्र भूमिकाओं तक उन्होंने अपने काम को बखूबी अंजाम दिया। उनके गीत आज भी गाये जाते हैं। चाहे मस्ती से भरे गाने हों या मौसम की खूबसूरती का वर्णन करने वाले हों या फिर दोस्ती हो या देशभक्ति के गीत, दिलीप कुमार ने हर गाने में बताया है कि दिलबर के लिए दिल होता है और दुश्मन के लिए तलवार। आइए एक नजर डालते हैं दिलीप कुमार के 10 सदाबहार गानों पर-

1-यह है वीर जवानों का देश

इस फिल्म का गाना दिलीप कुमार की फिल्म ‘नया दौर’ के डायलॉग्स जितना ही मशहूर हुआ। देशभक्ति के रस में डूबा ‘ये देश है वीर जवान का’ गाना आज भी लोगों को वीरता के रस से भर देता है. इस गाने की एक और विशेषता यह है कि इसे अक्सर जुलूस में बैंडबाजे द्वारा बजाया जाता है और लोग जमकर नाचते हैं।

2 साल का मैं एक साहब बन गया

दिलीप कुमार ने जब सायरा बानो के साथ ‘सा मैं तो साहब बन गया’ गाया तो उनकी सहाबी की धुन देख दर्शक भाव विह्वल हो गए. इस गाने में दिखाया गया कूल अंदाज आज भी दोहराया जाता है.

३-नैन बालक जाय तो मनवा माँ कसाक होइबे करी

फिल्म ‘गंगा जमुना’ के मशहूर गाने ‘नैन लड़ जाय तो मनवा मा कसक होइबे करी’ में दिलीप कुमार की अदाकारी ने दर्शकों का दिल जीत लिया. देहाती अंदाज में दिलीप ने प्रेम का जबरदस्त अभिनय दिखाया था।

4-उडे जब-जब जुल्फेन टेरी

फिल्म ‘नया दौर’ के गाने ‘उड़े जब जब जुल्फें तेरी’ में दिलीप कुमार ने जिस तरह से अभिनय किया, उसे कोई दोहरा नहीं पाया है. इस गाने पर आज भी युवा मस्ती करते नजर आते हैं.

5-दिल दुख से कह रहा है

वहीं वैजयंतीमाला के साथ दिलीप कुमार के रोमांस को ‘दिल तड़प-तड़प के कह रहा है’ गाने में भी काफी पसंद किया गया था.

6-सुखद सफर और ये मौसम हंसाता है

दिलीप कुमार के गाने ‘सुहाना सफर और ये मौसम हसीन’ का सफर समय के साथ और खूबसूरत होता जा रहा है।

7-यह मेरा जुनून है

ट्रेजेडी किंग दिलीप कुमार और ट्रेजेडी क्वीन मीना कुमारी पर फिल्माए गए ‘ये मेरा दीवानापन है’ में प्यार का रंग आज भी महसूस होता है।

8- राधिका ने मधुबनी में किया डांस

‘मधुबन में राधिका नाचे रे’ प्यार में डूबा एक गाना है जिसे हर उम्र के संगीत प्रेमियों ने पसंद किया है।

9-ऐ मोहब्बत जिंदाबाद

मधुबाला ने सफलता के सारे रिकॉर्ड तब तोड़ दिए जब उन्होंने दिलीप कुमार और मधुबाला की फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ के गाने ‘जब प्यार किया तो डरना क्या’ पर एक विद्रोही प्रेमिका का रूप दिखाया। वहीं दिलीप कुमार पर फिल्माए गए ऐ मोहब्बत जिंदाबाद ने एक अलग ही बात कही।

10- इमली का बूट

अगर दिलीप कुमार और राजकुमार की फिल्म ‘सौदागर’ से ‘इमली का बूटा’ की बात न की जाए तो इन दिग्गज कलाकारों की कहानी अधूरी रह जाएगी. अगर सुभाष घई जैसा निर्देशक ही इन दोनों को कड़ी मेहनत से एक साथ काम करवा पाता तो इस गाने में भी ये दोनों सच्ची दोस्ती की मिसाल बन गए.

दिलीप कुमार भले ही दुनिया छोड़ गए हों लेकिन अपने गानों और डायलॉग्स की वजह से हमेशा जिंदा रहेंगे।

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