रखवाला के 50 साल: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र, विनोद खन्ना और लीना चंदावरकर की फिल्म ‘रखवाला’ आज से 50 साल पहले रिलीज हुई थी। जब यह फिल्म 12 अगस्त 1971 को रिलीज हुई थी, उस समय सिनेमा एक नया मोड़ लेने की तैयारी कर रहा था। भारतीय सिनेमा व्यावसायिक युग में प्रवेश ले रहा था। राजेश खन्ना जैसे सुपरस्टार पुराने अभिनेताओं को पछाड़कर नई ऊंचाइयां हासिल कर रहे थे, वहीं अमिताभ बच्चन जैसे सितारे अपनी जगह बनाने में लगे थे। इस दौरान धर्मेंद्र और विनोद स्टारर फिल्म ‘रखवाला’ बनी।

‘रखवाला’ को मिली औसत सफलता

पिछले 50 सालों में न सिर्फ स्टारडम का पैमाना बदला, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के कई सेट पैरामीटर भी टूट गए। टेक्नोलॉजी के चलते फिल्में देखने और समझने के साथ-साथ बनाने का नजरिया भी बदला है। उस समय ऐसा नहीं था। उस जमाने में सिनेमैटोग्राफर अपने चहेते सितारों की फिल्में एक बार नहीं कई बार देखते थे और उसके बारे में बताते हुए शेखी बघारते भी थे. फिल्म ‘रखवाला’ हीरो-हीरोइन और विलेन के फॉर्मूले पर बनी थी। इसमें धर्मेंद्र हीरो और विलेन विनोद खन्ना बने। दोनों ही शानदार अभिनेता थे, जिनके करिश्मे की वजह से फिल्म को अच्छी सफलता मिली। यह उस साल की टॉप पांच फिल्मों में शामिल नहीं थी, लेकिन धर्मेंद्र-विनोद के प्रशंसक फिल्म देखने थिएटर पहुंचे थे।

(फोटो क्रेडिट: मूवीज एन मेमोरीज/ट्विटर)

विनोद खन्ना बने फिल्म के विलेन

विनोद खन्ना एक ऐसे हैंडसम वर्सेटाइल एक्टर थे जिन्होंने सिल्वर स्क्रीन पर हीरो और विलेन दोनों का रोल बखूबी निभाया। फिल्म जानकारों के मुताबिक इस फिल्म में धर्मेंद्र और विनोद खन्ना के बीच कई फाइटिंग सीन थे, लेकिन दोनों ने फाइटिंग के लिए बॉडी डबल का सहारा नहीं लिया बल्कि खुद किया। जबकि उस दौर में अभिनेता मारा-मारी के सीन खुद करने से बचते थे।

(फोटो क्रेडिट: मूवीज एन मेमोरीज/ट्विटर)

‘रखवाला’ फिल्म की कहानी

धर्मेंद्र ने फिल्म ‘रखवाला’ में दीपक नाम का एक किरदार निभाया था जो चांदनी नाम की लड़की से प्यार करता था और शादी करना चाहता था। चांदनी की भूमिका लीना चंदावरकर ने निभाई थी। चांदनी एक रईस ज्वाला प्रसाद की प्यारी बेटी थी। ज्वाला प्रसाद की भूमिका मदन पुरी ने निभाई थी। श्याम यानि विनोद खन्ना ज्वाला प्रसाद की मदद करते थे लेकिन उनकी नजर ज्वाला प्रसाद की संपत्ति और बेटी चांदनी दोनों पर थी। हर फिल्म की कहानी के सुखद अंत की तरह, दीपक और चांदनी अंततः एक हो जाते हैं। इस फिल्म के गानों को काफी पसंद किया गया था।

‘खाकवाला’ का संगीत

‘रखवाला’ मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर और आशा भोंसले की आवाज़ वाली एक संगीतमय फ़िल्म थी। फिल्म को कल्याणजी-आनंदजी की जोड़ी ने कंपोज किया था। यह फिल्म अपने समकालीन संगीत के लिए भी जानी जाती है।

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अधिक हिट हुई अनिल कपूर की ‘रखवाला’

‘रखवाला’ की रिलीज के करीब दो दशक बाद अनिल कपूर स्टारर इसी नाम की फिल्म बनी थी। हालांकि नाम ही वही रखा, लेकिन फिल्म की कहानी अलग थी। अनिल कपूर की ‘रखवाला’ ज्यादा हिट रही।

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