(फोटो साभार: इंस्टाग्राम @ सुशांत सिंह राजपूत / ट्विटर @ नवीन गुप्ता)

67 वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में, सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म ‘छिछोरे’ ने सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म का पुरस्कार जीता है। इससे अभिनेता के प्रशंसक दुनिया भर में खुश हैं और वे उसे याद करके भावुक हो रहे हैं।

नई दिल्ली सुशांत सिंह राजपूत (छीछोरे) की फिल्म ‘छीछोरे’ को राष्ट्रीय पुरस्कार की घोषणा के बाद से दुनिया भर में उनके प्रशंसक नहीं मिल रहे हैं। 67 वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में ‘चितचोर’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म (हिंदी) पुरस्कार के लिए चुना गया है। ‘छिछोरे ’सितंबर 2019 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और आते ही दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हो गई थी। फिल्म ने लोगों को ‘थ्री इडियट्स’ (3 इडियट्स) की याद दिला दी।

उस समय, दर्शकों ने सुशांत में एक स्टार को देखा जो बहुत खास था। तब कौन जानता था कि सिनेमा का यह अनमोल सितारा आखिरी बार बड़े पर्दे पर अपना जादू दिखा रहा है। लेकिन चाहे हम इसे नियति कहें या अपने प्रियजनों की अस्वस्थता, सुशांत को वह प्यार और सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। उस समय, बॉलीवुड के सभी पुरस्कारों में फिल्म ‘चीखोर’ को नजरअंदाज किया गया था। कहीं न कहीं सुशांत के साथ उनके प्रशंसक भी इसे देख और महसूस कर रहे थे।

अब, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों (67 वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों) की घोषणा के साथ, सुशांत की फिल्म ‘चीखोर’ फिर से लोगों के बीच चर्चा में आ गई है। लोग अपने प्रिय अभिनेता को फिर से याद कर रहे हैं और जब वे वहां नहीं हैं तो भावुक हो रहे हैं। एक प्रशंसक लिखते हैं, ‘आपकी फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला, लेकिन आप हमारे बीच नहीं हैं।’

(फोटो साभार: ट्विटर / pranavKVFC)

खुशी जाहिर करने के साथ ही फैंस यह भी कह रहे हैं कि उन्हें न्याय नहीं मिला। एक अन्य प्रशंसक लिखते हैं, ‘काश आप हमारे बीच इसे मना रहे होते। आप इससे ज्यादा हताश थे। एमवीए दोषियों को संरक्षण दे रहा है।

(फोटो साभार: ट्विटर / snehal52956572)

(फोटो साभार: ट्विटर / इसकी साक्षी)

फिल्म का निर्माण साजिद नाडियाडवाला ने किया था। दुनिया भर में अभिनेता के प्रशंसक अपनी फिल्म ‘चीचोर’ के लिए पुरस्कार पाकर खुश हैं।

(फोटो साभार ट्विटर / नवीनफेन्सक्लब)

सुशांत सिनेमाई पर्दे पर उभरे और चुपचाप लोगों के दिलों में घर कर गए। लेकिन दूसरी तरफ, बॉलीवुड उनके साथ गैर-लोगों की तरह व्यवहार करता रहा। अवार्ड शो में उनकी उपेक्षा साफ दिख रही थी। अन्यथा, एक इंसान जो दुनिया को जीवन के महत्व को समझाता है वह अपना जीवन क्यों समाप्त करेगा? यह सवाल अभी भी सुशांत के प्रशंसकों के मन में है, जिसका जवाब अब किसी के पास उपलब्ध नहीं है।

आपको बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत और श्रद्धा कपूर स्टारर फिल्म ‘छिछोरे’ की कहानी कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों के विषय पर थी और छात्र हमेशा जीत के दबाव से जूझते थे। इसके बाद सुशांत की फिल्म ‘ड्राइव’ आई जो नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई थी। 14 जून को मुंबई में सुशांत का निधन हो गया। उसका शव उसके घर के पंखे से लटका हुआ मिला। फिल्म चीखोर को कुछ समय पहले निकलोडियन किड्स चॉइस अवार्ड्स 2020 में पसंदीदा बॉलीवुड मूवी अवार्ड भी मिला।



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