भारत के उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने आज दिल्ली में 67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का वितरण किया। दिग्गज अभिनेता रजनीकांत को दादा साहब पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। अभिनेत्री कंगना रनौत ने चौथी बार उपराष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता। उन्हें यह अवॉर्ड ‘मणिकर्णिका: क्वीन ऑफ झांसी’ और ‘पंगा’ फिल्मों के लिए दिया गया है। इसके साथ ही कंगना को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार तीन बार और एक बार सर्वश्रेष्ठ सहायक भूमिका के लिए मिल चुका है। बॉलीवुड में सबसे ज्यादा बार राष्ट्रीय पुरस्कार पाने का श्रेय अभिनेत्री शबाना आजमी को ही जाता है। उन्हें अब तक पांच बार इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

हिंदी फिल्मों के सबसे प्रतिभाशाली अभिनेताओं में से एक मनोज बाजपेयी को भी सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। उन्हें यह अवॉर्ड फिल्म ‘भोंसले’ के लिए दिया गया है। हालांकि इस बार मनोज बाजपेयी को यह अवॉर्ड साउथ एक्टर धनुष के साथ शेयर करना पड़ा।

अवॉर्ड फंक्शन में कंगना रनौत अपने पैरेंट्स के साथ पहुंचीं।

धनुष को उनकी फिल्म ‘असुरन’ के लिए संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है।

मनोज बाजपेयी को तीसरी बार राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया है. इससे पहले फिल्म ‘सत्या’ के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर और फिल्म ‘पिंजर’ के लिए स्पेशल जूरी अवॉर्ड मिल चुका है।

दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म ‘छिछोरे’ ने सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार जीता। गायक बी प्राक को अक्षय कुमार की फिल्म केसरी के गाने तेरी मिट्टी के लिए उपराष्ट्रपति से सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्वगायक का पुरस्कार मिला। साथ ही फिल्म ‘ताशकंद फाइल्स’ के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का पुरस्कार अभिनेत्री पल्लवी जोशी को दिया गया। साउथ के मशहूर अभिनेता विजय सेतुपति को फिल्म ‘सुपर डीलक्स’ के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

मलयालम फिल्म ‘मरक्कर: लायन ऑफ द अरेबियन सी’ ने 67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार जीता। इस फिल्म में सुपरस्टार मोहनलाल ने मुख्य भूमिका निभाई है। इसी फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ विशेष प्रभावों का पुरस्कार भी जीता, जबकि महेश बाबू अभिनीत तेलुगु फिल्म ‘महर्षि’ को सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया। वहीं, मलयालम फिल्म ‘जल्लीकट्टू’ को सर्वश्रेष्ठ छायांकन का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।

आपको बता दें कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन से 1 जनवरी 2019 से 31 दिसंबर 2019 तक जिन फिल्मों को सर्टिफाइड किया गया था, उन्हें अवॉर्ड डिस्ट्रीब्यूशन के लिए एंट्री दी गई थी. पुरस्कारों के लिए अंतिम प्रविष्टि 17 फरवरी 2020 तक रखी गई थी। हालांकि 67वें राष्ट्रीय प्रथम फिल्म पुरस्कारों की घोषणा पहले 3 मई 2020 को की जानी थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। फिर 22 मार्च 2021 को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पुरस्कारों की घोषणा की।

अधिक हिंदी समाचार ऑनलाइन पढ़ें लाइव टीवी न्यूज़18 हिंदी वेबसाइट पर। जानिए देश-विदेश और अपने राज्य, बॉलीवुड, खेल जगत, कारोबार से जुड़े हिन्दी में समाचार।

.

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here