पद्मिनी कोल्हापुरे का जन्म 1 नवंबर 1965 को मुंबई के एक मराठी परिवार में हुआ था। महज 7 साल की उम्र से फिल्मों में काम करने वाली पद्मिनी 80-90 के दशक में अपनी खूबसूरती और दमदार अभिनय से पर्दे पर छाई रहीं। पंढरी नाथ कोल्हापुरे और अनुपमा कोल्हापुरे की बेटी पद्मिनी ने 1972 में फिल्म ‘एक खिलाड़ी बावन पत्ते’ से इंडस्ट्री में डेब्यू किया था। पद्मिनी फिल्म उद्योग की सुरीली गायिका लता मंगेशकर और आशा भोंसले की रिश्तेदार हैं। पद्मिनी हमेशा से सिंगर बनना चाहती थी लेकिन किस्मत के मन में कुछ और ही था। जिसे महज 17 साल की उम्र में फिल्म ‘प्रेम रोग’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला, आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वह कैसा रहा होगा। इस फिल्म में उनके साथ ऋषि कपूर थे।

पद्मिनी कोल्हापुरे के पिता एक प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक और वीणा वादक थे। लता मंगेशकर से रिश्ता ऐसा है कि पद्मिनी की दादी पंडित दीनानाथ मंगेशकर की सौतेली बहन थीं। इस रिश्ते की वजह से एक्ट्रेस लता और आशा भोंसले की भतीजी हैं। संगीत के माहौल में जन्मीं पद्मिनी ने बचपन से ही संगीत सीखना शुरू कर दिया था। संगीत के प्रति उनके जुनून के कारण ही पद्मिनी ने 1973 की फिल्म यादों की बारात में अपनी बहन शिवांगी के साथ कोरस गाया था। इसके अलावा उन्होंने ‘यादों की बारात’, ‘किताब’, ‘दुश्मन दोस्त’, ‘विधाता’, ‘सात सहेलियां’, ‘हम तेरे करेंगे’ जैसी फिल्मों में गाना गाया। कम ही लोग जानते होंगे कि फेमस सिंगर बप्पी लाहिड़ी के साथ उन्होंने ‘म्यूजिक लवर्स’ नाम का म्यूजिक एल्बम भी बनाया है।

पद्मिनी कोल्हापुरे लता मंगेशकर और आशा भोंसले की भतीजी लगती हैं। (फोटो क्रेडिट: पद्मिनीकोल्हापुरे/इंस्टाग्राम)

कई फिल्मों में गाने के बावजूद पद्मिनी कोल्हापुरे न केवल एक गायिका के रूप में बल्कि एक अभिनेत्री के रूप में प्रसिद्ध हुईं। ‘इंसाफ का ताराजू’, ‘अहिस्ता-अहिस्ता’, ‘प्यार झुकता नहीं’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकीं एक्ट्रेस ने अपने फिल्मी करियर में कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया। लेकिन फिल्म ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ के लिए आज भी याद किए जाते हैं। पद्मिनी ने जब इस फिल्म में काम किया था उस वक्त उनकी उम्र करीब 12 साल थी।

पद्मिनी कोल्हापुरे, प्रियांक शर्मा

पद्मिनी कोल्हापुरे के बेटे प्रियांक शर्मा भी एक अभिनेता हैं। (फोटो क्रेडिट: पद्मिनीकोल्हापुरे / इंस्टाग्राम)

फिल्म सेट पर अपना बचपन बिताने वाली पद्मिनी कोल्हापुरे ने लंबे अंतराल के बाद 1993 में फिल्म ‘प्रोफेसर की पड़ोसन’ में काम करने के बाद एक लंबा ब्रेक लिया। इसके बाद 1999 में उन्होंने बतौर फिल्म निर्माता अपनी दूसरी पारी की शुरुआत की और फिल्म ‘रॉकफोर्ड’ बनाई। 2003 में उन्होंने मराठी फिल्म ‘चिमनी पाखर’ से अपने बेटे के साथ अभिनय की दुनिया में भी वापसी की। इसके बाद वह ‘फटा पोस्टर निकला हीरो’ में शाहिद कपूर की मां के रोल में नजर आईं।

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पद्मिनी कोल्हापुरे ने 21 साल की उम्र में फिल्म निर्माता प्रदीप शर्मा के साथ उनके परिवार के सदस्यों की इच्छा के खिलाफ प्रेम विवाह किया था। उनके बेटे प्रियांक शर्मा ने भी अपने माता-पिता की तर्ज पर फिल्मों में करियर बनाया, प्रियांक एक अभिनेता हैं।

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